यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा।
तद्वद् वेदाङ्गशास्त्राणां ज्योतिषं मूर्धनि स्थितम्॥

वशिष्ठ ज्योतिष
एवं आध्यात्म परामर्श पीठ

ज्योतिषाचार्य शरद कान्त शर्मा — बरेली, उत्तर प्रदेश

🕔  मिलने का समय: सायं 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
✦ 16+ वर्ष अनुभव ✦ कुण्डली विश्लेषण ✦ करियर परामर्श ✦ विवाह मिलान ✦ दोष निवारण ✦ रत्न ज्योतिष
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परिचय

आचार्य जी के बारे में

शरद कान्त शर्मा
ज्योतिषाचार्य · वशिष्ठ ज्योतिष पीठ, बरेली
16+ वर्षों का
अभ्यास
6+ परामर्श
विशेषताएँ
सायं ५ — रात्रि ८ परामर्श-समय (प्रतिदिन)

ज्योतिषाचार्य शरद कान्त शर्मा वशिष्ठ ज्योतिष एवं आध्यात्म परामर्श पीठ के संस्थापक हैं। बरेली, उत्तर प्रदेश में स्थित यह पीठ पिछले 16 वर्षों से सैकड़ों जातकों को वैदिक ज्योतिष के आलोक में जीवन-मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।

आचार्य जी महर्षि पराशर की परंपरा में प्रतिष्ठित ग्रंथों — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, बृहत् संहिता एवं फलदीपिका — के आधार पर जन्म-कुण्डली का विश्लेषण करते हैं। वे नवीनतम पंचांग एवं सुनिश्चित खगोलीय गणनाओं का उपयोग करते हैं जिससे परामर्श अधिकतम सटीक एवं व्यावहारिक हो।

उनका दृष्टिकोण सदैव सकारात्मक, वास्तविक एवं जातक-हितकारी रहा है। वे किसी को भयग्रस्त करने के पक्षधर नहीं हैं — उनका लक्ष्य है प्रत्येक जातक को उसके कर्म-पथ पर आत्मविश्वास एवं स्पष्टता के साथ आगे बढ़ने में सहायता करना।

न चोरहार्यं न च राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।
व्यये कृते वर्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥
ज्ञान-धन न चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है — जितना बाँटो उतना बढ़ता है। ज्ञान सर्वोत्तम धन है।
— हितोपदेश

सेवाएँ

परामर्श के क्षेत्र

🪐
सम्पूर्ण कुण्डली विश्लेषण
जन्म-तिथि, समय एवं स्थान के आधार पर सटीक जन्म-पत्रिका। लग्न, राशि, नवांश, दशा-अन्तर्दशा, षड्बल एवं योगों का गहन विश्लेषण। व्यक्तित्व, स्वास्थ्य एवं जीवन-पथ की विस्तृत जानकारी।
💼
करियर चुनने में परेशानी
कौन-सा क्षेत्र आपके लिए सर्वोत्तम है? दशम भाव, दशमेश एवं विंशोत्तरी दशा के आधार पर उपयुक्त व्यवसाय, सही समय एवं अनुकूल दिशा का निर्धारण।
📈
नौकरी में पदोन्नति
नौकरी में रुकावट क्यों? कब मिलेगी तरक्की? ग्रह-दशा एवं गोचर के आधार पर अनुकूल अवसरों की पहचान एवं उपाय।
🏪
व्यवसाय सम्बन्धी समस्या
व्यापार में हानि, साझेदारी में विवाद, व्यवसाय विस्तार का समय — सप्तम, दशम एवं एकादश भाव के विश्लेषण से समुचित मार्गदर्शन।
💍
कुण्डली मिलान एवं वैवाहिक परामर्श
अष्टकूट गुण-मिलान, मंगल दोष, नाड़ी दोष का शास्त्रोक्त परीक्षण। वैवाहिक जीवन में परेशानी का निदान। दाम्पत्य-संबंध सुधार के व्यावहारिक उपाय।
🧒
सन्तान सुख एवं बालक की शिक्षा
सन्तान-प्राप्ति में बाधा, बालक की पढ़ाई में अरुचि — पंचम भाव, पंचमेश एवं बुध की स्थिति से कारण एवं उपाय।
💎
रत्न ज्योतिष
जन्म-कुण्डली के आधार पर अनुकूल रत्न का निर्धारण। कौन-सा रत्न, किस धातु में, किस उँगली में, किस दिन धारण करें — सम्पूर्ण मार्गदर्शन।
🐍
पितृदोष एवं कालसर्प दोष निवारण
पितृदोष के लक्षण एवं शास्त्रसम्मत उपाय। कालसर्प योग के 12 प्रकार एवं उनका प्रभाव। मंत्र, दान एवं विशेष पूजा-विधि द्वारा निवारण।
🏠
वास्तु दोष निवारण
घर, दुकान या कार्यालय में वास्तु-दोष की पहचान। सरल एवं व्यावहारिक वास्तु-सुधार के उपाय जो बिना तोड़-फोड़ के किए जा सकें।
📅
शुभ मुहूर्त
गृह-प्रवेश, विवाह, व्यापार-आरम्भ, नामकरण, विद्यारम्भ हेतु नवीनतम पंचांग के आधार पर शुद्ध एवं शास्त्रसम्मत मुहूर्त।
महत्वपूर्ण सूचना: ज्योतिष-परामर्श जीवन-मार्गदर्शन का एक माध्यम है, न कि भय या अंधविश्वास का। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि कोई भी ग्रह-दशा अपरिवर्तनीय नहीं — ईश्वर-भक्ति, सात्त्विक उपाय एवं कर्म-पुरुषार्थ से जीवन की दिशा सदैव सकारात्मक की जा सकती है। चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय निर्णयों के लिए संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

ज्योतिष-विद्या

वैदिक ज्योतिष — एक परिचय

ज्योतिष, वेद का नेत्र है। जयोतिस् = ज्योति (प्रकाश) — यह वह विद्या है जो जीवन पथ को प्रकाशित करती है। इसकी तीन प्रमुख शाखाएँ हैं: होरा (जातक), संहिता एवं सिद्धान्त। वशिष्ठ ज्योतिष पीठ में होरा शाखा के अन्तर्गत व्यक्ति की जन्म-कुण्डली का विश्लेषण किया जाता है।

यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा।
तद्वद् वेदाङ्गशास्त्राणां ज्योतिषं मूर्धनि स्थितम्॥
जैसे मोर की शिखा और सर्प की मणि — उसी प्रकार सभी वेदाङ्गों में ज्योतिष सर्वोच्च स्थान पर है।
— वेदाङ्ग ज्योतिष

नवग्रह — स्वभाव एवं कारकत्व

वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रह जातक के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करते हैं।

☀️सूर्य (रवि)आत्मा, पिता, यश, नेतृत्व, राजसत्ता
🌙चन्द्रमन, माता, भावनाएँ, स्मृति, जल
🔴मंगलसाहस, भूमि, भाई, ऊर्जा, तकनीक
💚बुधबुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, गणित
🟡गुरु (बृहस्पति)ज्ञान, धर्म, पुत्र, विवाह, भाग्य
शुक्रसौंदर्य, विवाह, भोग, कला, वाहन
🔵शनिकर्म, न्याय, दीर्घायु, सेवा, दुःख
🌑राहुभौतिक इच्छाएँ, भ्रम, विदेश, तकनीक
🌒केतुवैराग्य, अध्यात्म, मोक्ष, पूर्वकर्म

द्वादश भाव — जीवन के बारह आयाम

प्रथम भावलग्न / तनुस्वयं, व्यक्तित्व, शरीर, स्वास्थ्य
द्वितीय भावधनपरिवार, वाणी, सञ्चित धन
तृतीय भावसहजभाई, साहस, संचार, यात्रा
चतुर्थ भावसुखमाता, गृह, भूमि, वाहन, सुख
पंचम भावपुत्रसंतान, विद्या, पूर्वकर्म, प्रेम
षष्ठ भावरिपुशत्रु, रोग, ऋण, सेवा, विवाद
सप्तम भावकलत्रजीवन-साथी, व्यापार, साझेदार
अष्टम भावआयुआयु, अचानक घटनाएँ, उत्तराधिकार
नवम भावधर्मभाग्य, पिता, गुरु, तीर्थ, धर्म
दशम भावकर्मव्यवसाय, यश, राजसत्ता, कार्यक्षेत्र
एकादश भावलाभआय, बड़े भाई, इच्छापूर्ति, लाभ
द्वादश भावव्ययखर्च, विदेश, मोक्ष, हानि, शयन
जन्मकाले ग्रहाणां तु स्थितिं ज्ञात्वा विचक्षणः।
शुभाशुभफलं ब्रूयात् कालज्ञानेन पण्डितः॥
जन्म-काल में ग्रहों की स्थिति जानकर, काल-ज्ञान के माध्यम से विद्वान ज्योतिषी शुभ-अशुभ फल बताते हैं।
— फलदीपिका (मन्त्रेश्वर)

कार्यप्रणाली

परामर्श की प्रक्रिया

एक सटीक एवं लाभदायक परामर्श के लिए जातक की सटीक जन्म-जानकारी अत्यन्त आवश्यक है। आचार्य जी नवीनतम पंचांग एवं सुनिश्चित खगोलीय गणनाओं का उपयोग करते हैं।

परामर्श के लिए क्या लाएँ?

जन्म तिथि पूर्ण जन्म तिथि — दिन, माह, वर्ष। यह ग्रह-गणना का पहला आधार है।
जन्म समय जितना सटीक समय — उतना बेहतर। लग्न हर दो घंटे में बदलता है, 5-10 मिनट का अंतर भी महत्वपूर्ण है।
जन्म स्थान नगर / गाँव का नाम एवं राज्य। अक्षांश-देशांतर के अनुसार ग्रह-गणना होती है।
परामर्श का विषय करियर, विवाह, स्वास्थ्य, शिक्षा या कोई विशेष प्रश्न — इससे विश्लेषण अधिक केन्द्रित बनता है।

प्रयुक्त विश्लेषण-पद्धतियाँ

📜 बृहत् पाराशर होरा महर्षि पराशर-प्रणीत मूल ग्रंथ — विंशोत्तरी दशा, योग-विचार, भाव-विश्लेषण
🌌 विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष की ग्रह-महादशा — कब, क्या घटेगा, इसका सटीक काल-निर्धारण
🔢 अष्टकवर्ग ग्रहों का सम्मिलित बल — गोचर के प्रभाव को मापने की अद्भुत विधि
💎 नवांश (D-9) विवाह, भाग्य एवं ग्रहों के वास्तविक बल को जानने का महत्वपूर्ण वर्ग-चक्र
🌠 27 नक्षत्र जन्म-नक्षत्र एवं नक्षत्र-स्वामी — व्यक्तित्व की सूक्ष्म परत
📅 नवीनतम पंचांग तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण — शुद्ध एवं अद्यतन गणना
दैवं पुरुषकारेण योजयेद् धीमतो नरः।
पुरुषस्तु यथाशक्ति दैवं चापि प्रसादयेत्॥
बुद्धिमान मनुष्य को भाग्य को कर्म से जोड़ना चाहिए। कर्म करते हुए दैव को भी अनुकूल करने का प्रयास करना चाहिए।
— महाभारत, शान्ति पर्व
"ज्योतिष न तो भाग्यवाद को प्रोत्साहन देता है,
और न ही पुरुषार्थ को नकारता है।
यह तो जीवन-नदी के प्रवाह को समझकर
सही नाव और सही पाल चुनने की विद्या है।"
— ज्योतिषाचार्य शरद कान्त शर्मा

संपर्क

परामर्श के लिए सम्पर्क करें

मिलने का समय: सायं 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक

📱 7579919100 WhatsApp / Call उपलब्ध
📞 दूरभाष 7579919100
📧 ईमेल vasishthajyotish@gmail.com
🌐 वेबसाइट www.vasishthajyotish.com
🕔 समय सायं 5:00 — रात्रि 8:00
प्रतिदिन (सोमवार–रविवार)
📍 कार्यालय पता नाथ नगरी–अलखनाथ रोड (हाटमैन क्रॉसिंग), बरेली
🏡 निवास पता म.नं. 19, अम्बिका विहार, फेस-1, वीरसावरकर नगर, बरेली

परामर्श से पूर्व कृपया अपनी जन्म-तिथि, जन्म-समय एवं जन्म-स्थान की जानकारी तैयार रखें।
व्यक्तिगत एवं दूरभाष दोनों माध्यमों से परामर्श उपलब्ध है।